नौभास का प्रथम जिलास्तरीय सम्मेलन (जिला-सिरसा)

नौभास का प्रथम जिलास्तरीय सम्मेलन (जिला-सिरसा)

सम्मेलन में जिले की नई नेतृत्व कमेटी का चुनाव किया गया तथा पदाधिकारी चुने गए। नौ.भा.स की जिला सिरसा की अलग-अलग ईकाईयों में से कुल 80 प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसी मौके पावेल (कालांवाली), दिलबाग सिंह(नकोड़ा), वकील सिंह (रोड़ी), सतपाल सिंह (औढाँ) तथा अमनदीप सिंह (संतनगर) को नई जिला कमेटी के सदस्यों के तौर पर चुना गया। जिला कमेटी ने सेक्रेटरी की भूमिका पावेल तथा कोषाध्यक्ष की भूमिका अमनदीप को सौंपी।

First National Conference of Naujawan Bharat Sabha successfully held

First National Conference of Naujawan Bharat Sabha successfully held

It is to revive this spirit of revolution that the first national conference of Naujawan Bharat Sabha (NBS) was held on the occasion of the 107th birth anniversary of Bhagat Singh on 26-27-28 September at New Delhi’s Ambedkar Bhavan. There could not have been more opportune moment to organise the first national conference of an organisation which is inspired from the ideas of Bhagat Singh. It is to be noted that the name of the youth organisation which Bhagat Singh and his comrades had founded in 1926 in order to provide a new ideological base to the Indian revolutionary movement against the colonial slavery and to organise it afresh also happened to be Naujawan Bharat Sabha only. This name in itself symbolises the resolve to revive the great revolutionary legacy and to carry it forward.

नौजवान भारत सभा का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न

नौजवान भारत सभा का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न

क्रान्ति की स्पिरिट को ताज़ा करने के मक़सद से ही भगतसिंह के 107वें जन्मदिवस के अवसर पर नौजवान भारत सभा (नौभास) का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन 26-27-28 सितम्बर नई दिल्ली के अम्‍बेडकर भवन में आयोजित किया गया जो सफलतापूर्वक सम्‍पन्‍न हुआ। भगतसिंह जैसे महान युवा क्रान्तिकारी के विचारों से प्रेरित इस संगठन के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन को आयोजित करने का इससे बेहतर मौका कोई नहीं हो सकता था। गौ़रतलब है कि 1926 में भगतसिंह और उनके साथियों ने औपनिवेशिक गुलामी के विरुद्ध भारत के क्रान्तिकारी आन्दोलन को नया वैचारिक आधार देने के लिए और एक नये सिरे से संगठित करने के लिए युवाओं का जो संगठन बनाया था उसका नाम भी नौजवान भारत सभा ही था। यह नाम अपने आप में उस महान क्रान्तिकारी विरासत को पुनर्जागृत करने और उसे आगे बढ़ाने के संकल्प का प्रतीक है।

नौजवान भारत सभा के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दो दिनों में प्रतिनिधि सत्र सम्‍पन्‍न, कल खुला सत्र व रैली

नौजवान भारत सभा के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दो दिनों में प्रतिनिधि सत्र सम्‍पन्‍न, कल खुला सत्र व रैली

आज के अन्याय-अनाचार-भ्रष्टाचार-लूट-बर्बरता और निराशा के इस दौर में ‘गतिरोध को तोड़ने के लिए क्रान्ति की स्पिरिट ताज़ा करने’ के उद्देश्‍य को लेकर भगतसिंह के 107 वें जन्मदिवस के अवसर पर नौजवान भारत सभा का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन 26,27,28 सितम्बर को नई दिल्ली के अंबेडकर भवन में आयोजित किया जा रहा है। भगतसिंह जैसे महान युवा क्रान्तिकारी के विचारों से प्रेरित इस संगठन के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन को आयोजित करने का इससे बेहतर मौका कोई नहीं हो सकता था। गौ़रतलब है कि 1926 में भगतसिंह और उनके साथियों ने औपनिवेशिक गुलामी के विरुद्ध भारत के क्रान्तिकारी आन्दोलन को नया वैचारिक आधार देने के लिए और एक नये सिरे से संगठित करने के लिए युवाओं का जो संगठन बनाया था उसका नाम भी नौजवान भारत सभा ही था। यह नाम अपने आप में उस महान क्रान्तिकारी विरासत को पुनर्जागृत करने और उसे आगे बढ़ाने के संकल्प का प्रतीक है। सम्मेलन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के अलग- अलग हिस्सों से चुने हुए 150 से भी ज़्यादा नौजवान प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।