सावधान! सावधान! सावधान! ज़हरखुरानी गिरोह से सावधान!

सावधान! सावधान! सावधान!
ज़हरखुरानी गिरोह से सावधान!

सर्वसाधारण को आगाह किया जाता है कि पिछले काफ़ी समय से देश में एक गिरोह दिमाग़ी ज़हरखुरानी के ज़रिये पब्लिक को लूटने में लगा हुआ है। जिस प्रकार ट्रेनों और बसों में ज़हरखुरानी करने वाले पहले यात्रियों को अपनी बातों में उलझाकर उनसे दोस्‍ती करते हैं और फिर ज़हर खिला-पिला कर अपने अपराध को अंजाम देते हैं, उसी प्रकार इस गिरोह के लोग पहले सबका साथ सबका विकास, 15 लाख जैसे जुमलों से लोगों को भरमाते हैं और फिर देशभक्ति, गोमाता, भारतमाता आदि की मिठाई में मिले हुए अपने ज़हरीले प्रचार से उन्‍हें बेहोश कर देते हैं। ट्रेनों-बसों में यात्रियों को दिये जाने वाले ज़हर का असर तो 24 घंटे में उतर जाता है और ज़्यादा से ज़्यादा यात्रियों के पैसे और सामान का नुक्सान होता है, लेकिन इस गिरोह के ज़हर का असर इतना घातक होता है कि समय रहते सही इलाज न किया गया तो पूरा देश और पीढ़ि‍याँ तक बर्बाद हो सकती हैं।

पहले इस गिरोह को चड्ढी गेंग या कच्छा-बनियान गिरोह नाम से जाना जाता था लेकिन विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि अब यह अपना चोला बदलने की फ़ि‍राक में है। हर ख़ासो-आम को आगाह किया जाता है कि नई पैकिंग से धोखा न खायें क्योंकि अन्‍दर का माल वही है।

अगर आपको अपने आसपास इस गिरोह के ज़हर का शिकार हुआ कोई व्यक्ति नज़र आये तो अनदेखा न करें, उसे तुरन्त इलाज की ज़रूरत है। इस ज़हर के असर के प्रमुख लक्षण हैं – आज़ादी, बराबरी, जनवाद के उसूलों की बात सुनकर चेहरा लाल हो जाना, मुँह में झाग के साथ गालियों का फूटना, एक तर्क के जवाब में 50 कुतर्क ऊँची आवाज़ में चिल्‍लाना, आदि। अक्सर देखा गया है कि ऐसे मरीज़ से आज के बारे के पूछने पर वो 3, 10, 50 या 1000 साल पीछे की बहकी-बहकी बातें करने लगता है।

ज़हर की काट के बारे में जानकारी जल्दी ही प्रचारित की जायेगी।

देशहित में जारी –
नौजवान भारत सभा, जागरूक नागरिक मंच

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