मानखुर्द, गोवण्डी से लगातार गायब हो रहे बच्चे

मानखुर्द, गोवण्डी से लगातार गायब हो रहे बच्चे
अपने बच्चों को बचाने के लिए एकजुट हों

साथियों,

अपने इलाके से बच्‍चों के गायब होने की खबरें हम अक्‍सर सुनते रहते हैं। तीन महीने पहले मानखुर्द के ज्‍योतिर्लिंग नगर से एक चार साल की बच्‍ची गायब हुई व बाद में उसकी लाश बरामद हुई। पोस्‍टमार्टम में पता चला कि उसकी बलात्‍कार के बाद हत्‍या की गयी है। पुलिस ने एक व्‍यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार तो किया पर अब पता चला है कि उसे सबूतों के अभाव में छोड़ने की तैयारी चल रही है। ये कोई अकेली घटना नहीं है। इस घटना के कुछ ही दिन पहले उसी गली से एक दूसरी बच्‍ची भी गायब हुई थी जो आज तक नहीं मिल पायी है। नौजवान भारत सभा द्वारा पूरे इलाके में किये गये सर्वे में ऐसे अनेक माता-पिता मिले हैं जिनके बच्‍चे गायब हो चुके हैं व आज तक नहीं मिले हैं।
ये घटनायें कोई अपवाद नहीं है। पूरे देश में हर साल 1 लाख से ज्‍यादा बच्‍चे गायब होते हैं जिसमें महाराष्‍ट्र टॉप पर है (15 हजार से ज्‍यादा)। मुम्‍बई में भी सबसे ज्‍यादा बच्‍चे ईस्‍ट वार्ड (जिसमें ज्‍यादातर गरीब आबादी रहती है) से गायब होते हैं। जाहिर है कि इतने बड़े पैमाने पर बच्‍चे गायब करवाने का काम कुछ संगठित अपराध गिरोह ही कर सकते हैं और पुलिस की सांठगांठ के ब‍िना उनका इन अपराधों को अंजाम देना सम्‍भव नहीं है। अगर किसी अमीर अफसर, नेता या धन्नासेठ का बच्चा गायब होता है तो पुलिस से लेकर सीबीआई तक पूरा महकमा एकदम हरकत में आ जाता है और कुछ घण्‍टों में बच्‍चा मिल जाता है पर गरीबों के बच्‍चों के लिए पुलिस का रवैया दूसरा रहता है। ज्‍यादातर मामलों में तो रिपोर्ट ही दर्ज नहीं होती और दर्ज हो भी जाये तो पुलिस ढूंढने की बजाय मां-बाप को ही ढूँढने के लिए बोलती है। मानखुर्द पुलिस थाना क्षेत्र में भी पीडित लोगों से बात करने पर पता चला कि बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने जाने पर पुलिस उल्टे उन्ही को अपमानित करती है और बच्चों की तलाशी के लिए तुरंत कार्रवाई करने के बजाय बहुत ही असंवेदनशील तरीके से मामले को टालने की कोशिश करती है या अलग अलग तरीके से पैसा ऐंठने की फिराक में रहती है। ऐसे में इलाके में रहनेवाले लोग पुलिस के पास एफआईआर करवाने जाने से भी डरते हैं और अपने बच्चों के खो जाने पर असहाय होने के चलते कडवे घूंट पीकर उनकी याद को दिलों में दफन करने को मजबूर होते हैं।
मानव अंगों के विश्वव्यापी व्यापार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और बाल वेश्यावृत्ती के फैलते धंधे और बच्चों को अगवा कर उनसे भीख मंगवाने, बंधुआ मजदुरी कराने या घरेलु नौकर के रूप में बेच देने वाले गिरोह आज पुरे देश स्तर पर सक्रिय हैं। अगर हम गरीब मेहनतकश लोग जिनके बच्‍चों को ये गिरोह निशाना बनाते हैं, खुद खड़े नहीं होंगे तो हमारी सहायता करने कोई नहीं आने वाला। क्‍या हम तभी जागेगें जब हमारा खुद का बच्‍चा इनका निशाना बनेगा? अगर नहीं तो आइये उन परिवारों का साथ देनें जिनके साथ ये अनहोनी घट चुकी है। हमे एक ऐसी जबर्दस्‍त मुहिम शुरू करनी होगी जिसके दबाव में पुलिस प्रशासन को कार्रवाई करने को मजबूर हो। पहले तो उन सभी बच्‍चों की रिपोर्ट लिखी जाय जिनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गयी है व बाद में उन सब गैंग पर कार्रवाई की जाय जो इस काम में लगी हैं। ये सब काम पुलिस अपने आप नहीं करेगी बल्कि हमें इसके लिए उन पर जनदवाब बनाना ही पड़ेगा। इन्‍हीं मुद्दों को लेकर मानखुर्द पुलिस स्‍टेशन पर 16 जून, गुरूवार के दिन शाम 5 बजे प्रदर्शन किया जायेगा। अपने बच्‍चों को बचाने के लिए हमें एकजुट होकर इस दिन बड़ी संख्‍या में पुलिस स्‍टेशन पर जमा होना है।

अपीलकर्ता
नौजवान भारत सभा
सम्‍पर्क 9930529380, 9764594057, 9619039793, 9819672801

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