पूर्वी उत्तर प्रदेश में चलाया गया ‘क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान’

नौजवान भारत सभा की इलाहाबाद, गोरखपुर और अम्बेडकरनगर की इकाइयों द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश में चलाया गया ‘क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान’

2016-03-15-ALD-Navjagaran-Abhi-0नौजवान भारत सभा, दिशा छात्र संगठन और स्त्री मुक्ति लीग द्वारा भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव के 85वें शहादत दिवस पर 15 दिवसीय ‘क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान’ की शुरुआत 15 मार्च की सुबह एक साइकिल मार्च निकाल कर की गयी. साइकिल मार्च की शुरुआत इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की गयी. उसके बाद यह मार्च बालसन चौराहा, आज़ाद पार्क, सिविल लाइन्स, मेडिकल चौराहा, रामबाग, साउथ मलाका, चौक, रोडवेज, कचहरी होते हुए बैंक रोड पर समाप्त हुआ. शाम के समय इलाहाबाद के छोटा बघाड़ा, कटरा, बेली रोड, राजापुर, ममफोर्ड गंज आदि इलाकों में साइकिल मार्च निकाला गया. इस दौरान कई नुक्कड़ सभाएं की गयीं व क्रान्तिकारी गीत भी गाये गए.इसके बाद अगले दो दिनों तक इलाहाबाद के नैनी, झूँसी और फाफामऊ के अलग-अलग इलाकों में भी साइकिल मार्च, पैदल मार्च, नुक्कड़ सभाएँ व पर्चा वितरण के कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा प्रयाग रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में प्रभात फेरी निकाली गयी. इस दौरान इलाहाबाद शहर के विभिन्न इलाकों में हजारों पोस्टर लगाये गए. इलाहाबाद के बाद ‘क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान’ के तहत 18 मार्च को जौनपुर में पैदल मार्च का आयोजन किया गया. इस दौरान जौनपुर के भंडरिया स्टेशन, कोतवाली, अटाला मस्ज़िद आदि जगहों पर नुक्कड़ सभाएं की गयीं, क्रान्तिकारी गीत गाये गए.

2016-03-15-ALD-Navjagaran-Abhi-119 मार्च को अम्बेडकर नगर के सिंघलपट्टी स्थित ‘शहीद भगतसिंह पुस्तकालय’ से एक साइकिल मार्च की शुरुआत की गयी. लगभग 50 किलोमीटर लम्बे इस साइकिल मार्च के दौरान सिंघलपट्टी, राजेसुल्तानपुर, पदुमपुर, चोरमरा, देवरिया, जहांगीरगंज, कम्हरिया घाट, मैदनिया, गढ़वल आदि इलाकों में नुक्कड़ सभाएं, क्रान्तिकारी गीत और व्यापक पैमाने पर पर्चा वितरण किया गया और पोस्टर लगाये गए. 20 मार्च को ‘शहीद भगतसिंह पुस्तकालय’ सिंघलपट्टी, अम्बेडकरनगर पर शहीदे आज़म भगतसिंह की विरासत पर बातचीत का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का समापन सिंघलपट्टी में एक पैदल मार्च निकाल कर किया गया.

21 मार्च को आजमगढ़ शहर के सिविल लाइन्स, रिक्शा स्टैंड, अग्रसेन चौराहा, बड़ादेव, चौक, तकिया, कोट मोहल्ला, दलालघाट आदि स्थानों से होते हुए एक पैदल मार्च निकाला गया. इस दौरान कई नुक्कड़ सभाएं की गयीं, क्रान्तिकारी गीत गाये गए, व्यापक पैमाने पर पर्चा वितरण किया गया और पोस्टर चिपकाए गये.

2016-03-15-ALD-Navjagaran-Abhi-522 मार्च को गोरखपुर शहर के विभिन्न इलाकों में क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान द्वारा जारी किये गए पोस्टर चिपकाये गए. 23 मार्च को गोरखपुर शहर में पैदल मार्च निकाला गया। कार्यक्रम के दौरान शहीदे-आज़म भगतसिंह की प्रतिमा के सामने नुक्कड़ सभा की गयी और क्रांतिकारी गीत गाये गए। 26 व 27 मार्च को ट्रेनों और गोरखपुर शहर के विभिन्न इलाकों में प्रचार अभियान चलाया गया. 28 मार्च को गाज़ीपुर में प्रचार अभियान चलाया गया. इस दौरान गाजीपुर सिटी स्टेशन, लंका, बेदपुरवा तिराहा, कचहरी आदि इलाकों में पैदल मार्च निकालते हुए नुक्कड़ सभाएं की गयीं और क्रान्तिकारी गीत गाये गए. इस दौरान बड़े पैमाने पर पर्चा वितरण किया गया और पोस्टर लगाए गए.

29 मार्च की सुबह मऊ के कचहरी परिसर और उसके आसपास के इलाकों में पैदल मार्च निकालते हुए नुक्कड़ सभाएं की गयीं, जबकि शाम को मिर्जाहादीपुरा,सहादतपुरा, रोडवेज, कचहरी, गाजीपुर तिराहा आदि इलाकों में पैदल मार्च निकाला गया और नुक्कड़ सभाएं की गयी और क्रान्तिकारी गीत गाये गए.

2016-03-15-ALD-Navjagaran-Abhi-630 मार्च को बनारस के विभिन्न इलाकों में ‘क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान’ के तहत जारी किये गए पोस्टर लगाए गए. 31 मार्च को बनारस के गुरुधाम चौराहे से एक पैदल मार्च की शुरुआत की गयी. यह पैदल मार्च दुर्गाकुण्ड, रविदास गेट, लंका, बी.एच.यू. गेट, संकट मोचन समेत अन्य इलाकों से होता हुआ वापस गु रुधाम चौराहे पर ख़त्म किया गया. इस दौरान जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं की गयीं और हजारों की संख्या में पर्चे बाँटे गए और क्रान्तिकारी गीत गाये गए.

कार्यक्रम का समापन 1 अप्रैल को इलाहाबाद के कम्पनी गार्डेन (चंद्रशेखर आज़ाद पार्क) में एक पैदल मार्च निकाल कर किया गया. कार्यक्रम के अंत में चंद्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा के सामने एक सभा की गयी और क्रान्तिकारी गीत गाये गए.

2016-03-15-ALD-Navjagaran-Abhi-2नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस ‘क्रान्तिकारी नवजागरण अभियान’ के पीछे का मक़सद आज के समय में भगतसिंह के सपनों पर आधारित समाज को बनाने के लिए एक नए इन्क़लाब का ऐलान है. भगतसिंह का सपना गोरे अंग्रेजों के जाने के बाद भूरे अंग्रेजों को सत्ता में बैठा देने का नहीं था बल्कि एक ऐसे समाज के निर्माण का था जो बराबरी और न्याय पर टिका हो, जहाँ एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान को लूटा जाना असंभव बना दिया जाय. लेकिन आज़ादी के 68 सालों का इतिहास भूरे साहबों की लूट को आज नंगे रूप में सामने ला चुका है. नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं ने तमाम इंसाफपसंद नागरिकों और नौजवानों का आह्वान किया कि वे भूरे साहबों की लूट पर टिकी व्यवस्था को जड़ से उखाड़ कर इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दे और देश की करोड़ों की मेहनतकश आबादी को संगठित करने में लग जायं ताकि इस सदी में भगतसिंह और दूसरे तमाम क्रांतिकारियों के सपनों को साकार किया जा सके.

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