जेएनयू-विरोधी गोलबन्दी की आरएसएस की साज़ि‍शाना मुहिम

जेएनयू के बहाने तमाम प्रगतिशील, सेक्युलर शक्तियों-व्यक्तियों के खिलाफ़ माहौल बनाने और जेएनयू-विरोधी गोलबन्दी की आरएसएस की साज़ि‍शाना मुहिम की एक और बानगी!!

 
उत्तर-पश्चिम दिल्ली से नौजवान भारत सभा की विशेष रिपोर्ट
 
संघ परिवार के लोग बार-बार भले ही दोहरा रहे हों कि जगह-जगह पत्रकारों-शिक्षकों-छात्रों-कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले ”जनभावनाओं का स्वत:स्फूर्त प्रकटीकरण” है लेकिन हर कोई जानता है कि यह सब सुनियोजित और पूरी तैयारी से कराया जा रहा है। अब इसके कुछ और प्रमाण नौजवान भारत सभा, उत्तर-पश्चिम दिल्ली की इकाई के हाथ लगे हैं। आरएसएस के लोगों द्वारा संचालित ”सर्वप्रथम भारत” नाम के एक व्हाट्सऐप ग्रुप से मिले कई संदेशों से पता चला है कि दिल्ली के होलंबी कलां, मेट्रो विहार, बवाना, अलीपुर आदि इलाकों में लगातार मीटिंगें करके ज़हरीला प्रचार चलाया जा रहा है और 21 फरवरी को जेएनयू पर बड़ी संख्या में लोगों को बसों-ट्रकों में भरकर ले जाने की योजना है। इन्‍हीं में से एक व्‍हाट्सऐप मैसेज से यह भी सामने आ गया है कि जेएनयू के आसपास के इलाकों में आरएसएस की शह पर मकानमालिक जेएनयू के छात्र-छात्राओं को कमरों से निकाल बाहर कर रहे हैं। हमें विश्वस्त सूत्रों से यह जानकारी भी मिली है कि इन इलाकों में संघ और एबीवीपी के लोग बाकायदा घूम-घूमकर मकानमालिकों से छात्रों को बाहर निकालने के लिए कह रहे हैं और अफ़वाहें फैला रहे हैं। 95555291766 नंबर से भेजे संतोष यादव नाम के व्यक्ति का मैसेज कहता है कि अभी ये शुरुआत है और इन ”देशद्रोहियों” को देश से बाहर करने की ज़रूरत है।
 
21 फरवरी को जेएनयू पर भारी संख्या में लोगों को पहुंचाने के लिए हर शाखा से एक ”बस भरकर (संख्या पक्ष)” ले जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसी ग्रुप में एक और मैसेज में 21 फरवरी को ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए भी हर ”नगर” (आरएसएस ने अपने हिसाब से दिल्ली को कई ‘नगरों’ और ‘प्रांतों’ में बांट रखा है) से लोगों को पहुंचने के लिए कहा गया है ताकि ”तथाकथित बुद्धिजीवी जो वैचारिक स्तर पर देश को खंडित करने का प्रयास कर रहे हैं उनको जवाब दिया जा सके”। कहा गया है कि ”भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारी इसका नेतृत्व करेंगे”! ”जेएनयू में हो रही देशद्रोही गतिविधि‍” पर होलंबी कलां, मेट्रो विहार और हरिपुर (अलीपुर) में मंदिरों में मीटिंगें रखी जा रही हैं। हमारी जानकारी के अनुसार इनमें झूठे वीडियो और फोटोशॉप की हुई तस्वीरें दिखाकर और मनगढ़ंत किस्से सुनाकर लोगों को उकसाया जा रहा है। इनकी तैयारी का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर इलाके में तमाम तरह की संस्थाओं को इस मुहिम में जोड़ा जा रहा है। एक मैसेज में निर्देश दिया गया है कि ”मोहल्ले के क्रिकेट क्‍लब, RWA, मंदिर, कीर्तन मंडली, योग केंद्र आदि सभी प्रकार की संस्थाओं को बैनर लेकर आने के लिए कहा जाये।”’
 
ऐसे सभी व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट नीचे दिये गये हैं। 
 
कहने की ज़रूरत नहीं कि ऐसे संदेशों के बीच-बीच में ग्रुप के सदस्यों के गाली-गलौच और ”जीभ काटने या मारने” की धमकियों वाले संदेश भी मौजूद हैं। संघी मूर्खताओं और झूठे प्रचार की एक बानगी ऐसे एक मैसेज के रूप में भी यहां मौजूद है जिसमें बताया गया है कि ”तुर्की ने नरेंद्र मोदी पर डाक टिकट जारी किया है जिस पर सभी भारतीयों को गर्व होना चाहिए!”
 
ये तो महज़ एक बानगी है। हमें इस बात की जानकारी मिल रही है कि दिल्ली के कई अन्य इलाकों में, खासकर मज़दूर बस्तियों और निम्न मध्यवर्गीय कालोनियों में भी संघ ऐसी ही मुहिम चला रहा है। आपको शायद याद होगा कि कुछ महीने पहले नौजवान भारत सभा ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली की कई बस्तियों में साम्प्रदायिक तनाव भड़काने की संघी साज़ि‍श का पर्दाफ़ाश किया था। उस रिपोर्ट को आप इन लिंक्स से पढ़ सकते हैं: (हिंदी) https://naujavanbharatsabha.wordpress.com/2015/09/20/rss-plan-communal-tension/
(अंग्रेज़ी)https://naujavanbharatsabha.wordpress.com/2015/09/22/the-hindutva-conspiracies-of-fomenting-communal-tension-in-delhi/
 
हम बार-बार कहते रहे हैं कि आरएसएस अपने तृणमूल (ग्रासरूट) स्तर से संगठित काडर-आधारित ढांचे के सहारे तृणमूल स्तर से धुर प्रतिक्रियावादी सामाजिक आन्दोलन खड़ा करने पर बहुत योजनाबद्ध ढंग से काम कर रहा है जैसाकि क्लासिकी फासिस्ट तरीका है। इनकी ये कार्रवाइयां महज़ एक छोटी सी बानगी है। इसलिए इन्हें पीछे धकेलने और इनके नापाक इरादों को धूल चटाने के लिए हमें भी ज़मीनी स्तर पर प्रचार और संगठन के कामों में लंबी तैयारी के साथ जुटना होगा।
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जेएनयू के बहाने तमाम प्रगतिशील, सेक्युलर शक्तियों-व्यक्तियों के खिलाफ़ माहौल बनाने और जेएनयू-विरोधी गोलबन्दी की आरएसएस …

Posted by नौजवान भारत सभा on Saturday, February 20, 2016

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